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Showing posts from June, 2019
सबसे ख़ूबसूरत भाषा प्यार की होती हैं बग़ैर अल्फ़ाज़ आँखों से बोली जाती हैं - मनोज 'मानस रूमानी'
अपने जज़्बात जो बयां करे वही भाषा प्यार की बोली हो जिसमें वही भाषा! - मनोज 'मानस रूमानी
आँखों में हुस्न आपका  कानों में आवाज़ मीठी ख़्वाब-ओ-ख़याल और  दिल में मूरत आपकी - मनोज 'मानस रूमानी'
वक़्त पर आयी बारिश ने.. याद दिलाएं वो रूमानी पल और बेवक़्त जिसे दिल ढूंढे वो..जो होने थे हमसफ़र! - मनोज 'मानस रूमानी'
आशिक़ाना दिल हो  हसीन नज़ारा हो..  प्यार की बातें हो.. चाँद रात मुबारक हो! - मनोज 'मानस रूमानी'