Posts

Showing posts from 2019
बाग़-ए-इश्क़ खिलता हैं... 
हुस्न जब मेहरबाँ होता हैं!


- मनोज 'मानस रूमानी'
दो बहनें हैं मराठी और हिंदी
एक माँ है और दूसरी मौसी!
तो उर्दू से हमें मोहब्बत हैं..
सलामत रहें ये सभी प्यारी!

- मनोज 'मानस रूमानी'
क्या सच होगा यह ख़्वाब कभी..
ख़त्म हो जुदाई, हटे सरहद भी!
एक जड़ के रहतें इस-उस तरफ
मिटाएं झगड़े और होंगे एक ही!

- मनोज 'मानस रूमानी'
मुश्किल ही है चाँद को मनाना
यहाँ अपना हो या आसमाँ का!

- मनोज 'मानस रूमानी'
Image
जंग की बातें ना हो..यहाँ-वहाँ
पैग़ाम-ए-प्यार फ़ैले..यहाँ-वहाँ
- मनोज 'मानस रूमानी'
एक ही वतन में सब साथ थे कभी..
बटवारे से झगड़तें छोड़ गएँ फ़िरंगी!

- मनोज 'मानस रूमानी'
बरक़रार रहे जन्नत-ए-कश्मीर 
हुस्न-ओ-इश्क़ का अपना चमन 

- मनोज 'मानस रूमानी'
बरसात में दुपट्टा सर पर लिए..
प्यारी नज़र से देखे याद हैं कोई!
छूट गए ऐसे कई रूमानी लम्हें ..
अपनी कोई याद दिलाती हैं कही!


- मनोज 'मानस रूमानी'

इंसानों पर हो रहें अत्याचार करें अनदेखे
खुश हैं 'कुछ लोग' बाघों को देखके बढतें!

- मनोज 'मानस रूमानी'
बाँट रहें अब कलाकारों को भी..
इंसानों को बाँटतें यह सियासतीं!

- मनोज 'मानस रूमानी'
चिठ्ठियों की भीड़ में...
कुछ संवेदनशील, कुछ अवसरवादी
पीड़ा सहतें बेकसूर इंसान और
बेअसर सियासतदार, मूलतत्ववादी


- मनोज 'मानस रूमानी'
Image
मिलेंगे 'अपने चमन' में दो हमसफ़र दिल कभी!
जरूरत क्या है वहाँ किसी तीसरे ने मिलाने की? 

- मनोज 'मानस रूमानी'
जुस्तजू नहीं हमें उस चाँद की
हमें तो आरज़ू हमारे चाँद की!

- मनोज 'मानस रूमानी'
आसमाँ को मुबारक वह चाँद
हमे तो अज़ीज़ हमारा चाँद!

- मनोज 'मानस रूमानी'
Image
HAIKU:
'ROMANTIC RAIN'! 
Clouds..Rain brings romantic feelings.. Wind flows..with fragrance of land & flowers Recollects your memory..my love!
- Manoj 'Manas Roomani'
जीवन देता और लेता भी!
यह कैसा तेरा खेल पानी?

- मनोज 'मानस रूमानी'
रूपहले पर्दे की कभी ज़ीनत थी..
मुमताज़ जहाँ, नर्गिस, महजबीं!
तो फिर आज क्यों मुरझा गई..
अदाकारी की कश्मीर की कली?

- मनोज 'मानस रूमानी'
सबसे ख़ूबसूरत भाषा प्यार की होती हैं
बग़ैर अल्फ़ाज़ आँखों से बोली जाती हैं


- मनोज 'मानस रूमानी'
अपने जज़्बात जो बयां करे वही भाषा
प्यार की बोली हो जिसमें वही भाषा!

- मनोज 'मानस रूमानी
आँखों में हुस्न आपका 
कानों मेंआवाज़ मीठी
ख़्वाब-ओ-ख़याल और 
दिल में मूरत आपकी

- मनोज 'मानस रूमानी'
वक़्त पर आयी बारिश ने..
याद दिलाएं वो रूमानी पल
और बेवक़्त जिसे दिल ढूंढे
वो..जो होने थे हमसफ़र!

- मनोज 'मानस रूमानी'
आशिक़ाना दिल हो 
हसीन नज़ारा हो.. 
प्यार की बातें हो..
चाँद रात मुबारक हो!

- मनोज 'मानस रूमानी'
ज़ीनत रहो आप बाग़-ए-हुस्न की
खिलती रहे कलम हम रूमानी की

- मनोज 'मानस रूमानी'
बढ़ती गर्मी के इस मौसम में
कुछ ठंडी हवा आए कही से..
और सूखे पत्तों के सरकते ही
वह हसीन नज़र आये कही से


- मनोज 'मानस रूमानी'
ख्यातनाम फ़ारसी 'रुबाइयात'कार उमर ख़ैय्याम साहब के जनमदिन पर उन्हें सलाम करतें मैंने लिखा है.. 

हो गर उमर ख़ैय्याम जी की इनायत 
और हो जाए हुस्नवाले भी महेरबान 
तो आबाद हैं कलम की रूमानीयत 
और होती रहेंगी हमारी रुबाई ख़ास 

 - मनोज 'मानस रूमानी'
Image
Just expressed my romantic feelings here in these lines..

TO..SPECIAL FLOWER!!

"What simile you..Lotus, Rose, Tulip or Lily..
You are unique flower in a garden of beauty!
When blossom..atmosphere becomes merry..
Fragrance spread message of love superbly.!
Sweet innocence make your face more pretty
That inspire artists & poets to express lovely!"



- Manoj 'manas roomani'
Image
On 'Mother's Day'..I just expressed my thoughts in these lines..

"The Earth is mother of all human beings..
Rivers too..Ganga, Volga or Nile, Thames.!
An art also mother of all creative humans..
Let us live creative life with their blessings!"


- Manoj 'manas roomani'
गेरुआ हो या लाल, नील
मिलतें रहें ऐसे सब दिल!


- मनोज 'मानस रूमानी'


मन फिर अतीत में गया
यादों से दिल भर आया
जो हमसफ़र हो न सके
उन्हे याद करता रहा..


- मनोज 'मानस रूमानी' 


सभी के शुभ कार्य की जहाँ
गूँजती बिस्मिल्लाह शहनाई
केसरियाँ बना दी इन्होनें..
जो थी सबरंगी वाराणसी!

- मनोज 'मानस रूमानी'


बारिश की बूंदे गिरी 
कुछ ठंडी हवा चली
ज़मीन से ख़ुशबू आयी 
दिल रूमानी कर गयी!

- मनोज 'मानस रूमानी'
हसीन ज़िंदगी, तू कभी बेरहम न बन..
तुझसे प्यार करनेवालों से मुँह न मोड़!

- मनोज 'मानस रूमानी'
माना हसीन हैं तू ऐ ज़िंदगी,
लेकिन बेवजह साथ छोड़ना
तुम्हारी फ़ितरत हैं ज़िंदगी!

- मनोज 'मानस रूमानी'
सर्व धर्म-जात समभाव..
समाजवाद-मानवता का!
अपने मत से आबाद रखें
आज़ाद जनतंत्र अपना!

- मनोज 'मानस रूमानी'

Image
जन्नत ने जमीन पर जहाँ..
नज़र किया हैं हसीन नज़ारा
सलामत रहें..कश्मीर अपना..
मोहब्बत के ग़ुल खिलानेवाला!

- मनोज 'मानस रूमानी'
सुबह से शब-ब-ख़ैर आपसे
जहान-ए-कलम भी हैं..
मुतासिर आपके हुस्न से
अब तो हमारा वजूद आपसे!


- मनोज 'मानस रूमानी'
'अप्रैल फूल' का ड्रामा
यहाँ पाँच साल चला!
चाय-पकोड़े बेचनें का
इनका वक्त आया!

- मनोज 'मानस रूमानी'
गरीबों की तो कुछ भलाई कर न सकें
बदलते ऊँचे पेहरावों में ये अमीर बनें!

- मनोज 'मानस रूमानी'
अब जो हैं मेरा..वो सब हैं आपका.. 
सिर्फ जिसमें हैं आप..वो दिल मेरा! 

- मनोज 'मानस रूमानी'
स्वार्थ-सत्ता के लिएं पक्षांतरें 
विचारधारा-निष्ठा कौन देखें!

- मनोज 'मानस रूमानी'
'चौकीदार' बिर्यानी खा आएं
अपनी मुबारक़बाद भेजें!
सिर्फ कलाकार पाबंदी सहें
अवाम आपस में न मिलें!

- मनोज 'मानस रूमानी'
क़ुदरत ने हसीन रंग भर दिए हैं
हम पर है ज़िन्दगी कैसी रंग दे!


- मनोज 'मानस रूमानी'
Image
कभी मोहब्बत का..कभी अमन का
जारी हैं अपना..पैग़ाम पहुँचाना!


- मनोज 'मानस रूमानी'



'वर्ल्ड पोएट्री डे' सभी को मुबारक़!
'चौकीदार' यह तो भ्रष्ट अमीरों के.. 
अब पहरेदारी करेंगे 'हाथ' जनता के! 

- मनोज 'मानस रूमानी'
Image
ROMANTIC SPRING!
"Spring is arriving..
with beauty in nature!
And bird is waiting..
to welcome his love!"


- Manoj 'manas roomani'
Image
पळस प्रीतिचा!
शिशिर सरता पळस फुले
प्रेम ऋतुची चाहुल लागे.. 
मन प्रीत भावनेत झुले..
हृदय सखीस साद घाले.!



- मनोज 'मानस रुमानी'
आफ़ताब, चाँद हमें दिखें न दिखें
आपका दीदार-ए-हुस्न होता रहे !


- मनोज 'मानस रूमानी'
शबाब आपका ऐसा ही बरकरार रहे
तबस्सुम उसपर खिलखिलाती रहे


- मनोज 'मानस रूमानी'
दीदार-ए-यार कुछ ऐसे हुआ..
नूऱ-ए-हुस्न ने कमाल किया!

- मनोज 'मानस रूमानी'
कुछ दिन मन को नहीं सुकून 
नूरानी चेहरे से मिले तस्कीन!

- मनोज 'मानस रूमानी'
Image
Dear Pigeon of love..!
Oh dear Pigeon,
Fly and come here
To vanish anger and hate
Here and there!

Oh dear Pigeon,
Convey message of peace
To all crazy people
Here and there!
Oh dear Pigeon,
Spread lot of love..
To all struggling people
Here, there and everywhere!

Oh dear Pigeon,
Fly with your friend, love
Let entire world observe
The way you live!!

- Manoj 'Manas Roomani'.
बडे दिल, प्यार से बात सुलझती हैं
अहंकार, ग़ुस्से से बात बिगड़ती हैं

- मनोज 'मानस रूमानी'

रूख़ अमन का किया हैं उन्होंने 
उम्मीद हैं मुस्तक़बिल अच्छा हो 

- मनोज 'मानस रूमानी'
जंग विश्व में कोई न छेड़े..
पैग़ाम-ए-प्यार फैलातें रहें! - मनोज 'मानस रूमानी'
Image
गुज़ारिश! 

गोलियों के धमाके ना हो..  रबाब की मधुर धुनें सुनाई दे
पत्थरों की बौछार ना हो.. वादियों में ग़ुल फिर खिलनें दे 
दहशत का माहौल ना हो..  नज़ारा दिलक़श फिर दिखाई दे
नफ़रतों की आँधियाँ दूर हो..  हब्बा ख़ातून के गीत सुनाई दे - मनोज 'मानस रूमानी'
'वैलेंटाइन डे' पर..दिल चाहे
नफरत मिटे, भाईचारा जागे
प्यार फैले..सारे जहाँ में..!

- मनोज 'मानस रूमानी'
Image
प्यार के अल्फ़ाज़ जहां रूकतें हैं

वहां सिर्फ होठों से होठ मिलतें हैं!

- मनोज 'मानस रूमानी'
एक हो जातीं हैं दो दिलों की धड़कनें
जब गले मिलतें हैं प्यार करनेवालें!

- मनोज 'मानस रूमानी'
करे वादा हुस्न और इश्क़
'होंगे कभी जुदा ना हम'!

- मनोज 'मानस रूमानी'
नहीं रिझाया जाता उन्हें 
किसी चीज़ से इश्क़ में! 
दीदार जरुरी है उनका 
जिसे वह चाहते हैं!

- मनोज 'मानस रूमानी'
मोहब्बत में मिठास तब आती हैं 
जब हुस्न इश्क़ के आगोश में हैं!

- मनोज 'मानस रूमानी'
जहान ख़ूबसूरत रंगीन होता हैं..
जब हुस्न इश्क़ को अपनाता हैं!


- मनोज 'मानस रूमानी'

[वैलेंटाइन्स..प्रोपोज़ डे मुबारक़!]
Image
वैलेंटाइन्स..रोज़ डे पर लिखा..

उसे कौनसा नज़र करे ग़ुलाब?
ज़ीनत है वह गुलशन-ए-हुस्न!


- मनोज 'मानस रूमानी'
Image
वैलेंटाइन्स दिनों में रोज मेरी ऐसी रूमानी शायरी यहाँ आएगी.. "या हबीबी..
तुम ही हो जहाँ-ए-इश्क़
सुकून-ए-दिल और हयाती!"

 - मनोज 'मानस रूमानी
शबाब आप पर हमेशा मेहरबान रहें 
हमारी रूमानी शायरी बरक़रार रहें!     


- मनोज 'मानस रूमानी'
आपस में पड़ोसी मिठाई बाटतें रहें ऐसे..
नफ़रत और लड़ाई से हमेशा दूर रहें ऐसे!

- मनोज 'मानस रूमानी'
आसमाँ का चाँद वहाँ
इस ग्रहण में हैं लाल!
हमारे हसीन चाँद का
हमेशा गुलाबी हैं नूऱ!


- मनोज 'मानस रूमानी'
रूठना फ़ितरत होती हैं हुस्नवालों की..
तो मनाना चाहत प्यार करनेवालों की!


- मनोज 'मानस रूमानी'
हो..तमन्ना पूर्ति का
उम्मीद, उमंग से भरा
प्यार-भाईचारे से खिला
मुबारक यह साल नया!


- मनोज 'मानस रूमानी'