Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 13, 2019 क्या सच होगा यह ख़्वाब कभी.. ख़त्म हो जुदाई, हटे सरहद भी! एक जड़ के रहतें इस-उस तरफ मिटाएं झगड़े और होंगे एक ही!- मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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