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Showing posts from December, 2018
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Posting my poem on 'Christmas Eve'..

"OH MY ANGEL.."

My Beautiful Angel,
Brighten the world..
With your pure light!

My Beautiful Angle,
Unite the world..
With your love!

My Beautiful Angel,
Grace the world..
With your Beauty!

My Beautiful Angel,
Stay in my eyes ..
To see life beautiful!

- Manoj 'Manas Roomani'
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रूमानी ठंड!

कोहरे में ख़ूबसूरत नज़ारा है
रूमानी धून..अच्छा पेय हैं.!


आग़ोश में हसीन मेहबूबा है
ग़ुलाबी ठंड का लुत्फ़ तब हैं!



- मनोज 'मानस रूमानी'
भगवान की भी जात निकालतें हैं केसरियाँ.!
ये कैसे ख़त्म करेंगे यहाँ की जातिव्यवस्था?

- मनोज 'मानस रूमानी'
तब थी मुमताज़ जहाँ
अब हमारी हुस्नपरी! 

हुस्न-ए-ज़न्नत ऐसा..

होता है मेहरबान कभी !

- मनोज 'मानस रूमानी'
कहीं सरहदें, कहीं जातीं-धर्मों की दीवारें..
इसमें गिरफ़्त..क़ुर्बान होतीं रहीं मोहब्बतें!

- मनोज 'मानस रूमानी'
नूऱ-ए-नफ़ासत उनका
हैं प्यार का फ़लसफ़ा!

- मनोज 'मानस रूमानी'
हुस्न आपका हमेशा जवाँ रहे
प्यार के फ़सानें यूँ बनतें रहें!


- मनोज 'मानस रूमानी'
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"हक़ के लिए आवाज़ उठाने मिले ताकत
नाइंसाफी ना कर सके ज़माना संगदिल! 

प्यार-भाईचारे से हो सहजीवन सुखद..
मनाएं 'विश्व मानवाधिकार' दिन सब!!"

- मनोज 'मानस रूमानी'
रईसों का 'कमल' मुरझाने लगा.. 
मुफ़लिसों को 'हाथ' मिलने लगा! 

- मनोज 'मानस रूमानी'
क़ौमी एकता हैं इस मुल्क़ की शान..
कोई न करे किसीकी बेवतन की बात!

- मनोज 'मानस रूमानी'
इनायत उस बहार-ए-हुस्न की हैं..🌷
जो हम से रूमानी शायरी होती हैं!✍️


- मनोज 'मानस रूमानी'
प्यार झलकती उनकी आँखें ख़ूबसूरत
भुला देती हैं यह दुनियाँ संगदिल!


- मनोज 'मानस रूमानी'