Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 12, 2021 पूरी होतीं है जब प्यार की बातें..लफ्ज़ भी नहीं रहतें फ़िर सुनानेमिलतें हैं तब सिर्फ़ होठों से होठइश्क़ तब अपने चरम पर होता है- मनोज 'मानस रूमानी'('किस डे' पर!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
June 02, 2025 हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
Comments
Post a Comment