Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 11, 2022 फ़िरदौस!जन्नत ने ज़मीन पर जहाँ..नज़र किया हैं हसीन नज़ारा सलामत रहें..कश्मीर अपना!मिलजुल कर रहें सब यहाँ..हसीं कलियाँ खिलती जहाँ..मोहब्बत के ग़ुल खिले वहाँ!- मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
June 02, 2025 हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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