Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps June 13, 2022 गानेवालें सभी अपनी खूबी से गातें हैं ग़ज़लपर वे मेहदी हसन ही थे शहंशाह-ए-ग़ज़ल!- मनोज 'मानस रूमानी'(दिल को छू लेनेवाली आवाज़ में ग़ज़ल पेश करनेवालें मेहदी हसन साहब को १० वे स्मृतिदिन पर आदरांजलि!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
Comments
Post a Comment