दूर से नहीं, ऐसी नज़दीकियाँ होती थी
नतमस्तक होते थे उनसे जानवर भी!
- मनोज 'मानस रूमानी'
(आज याद आयी हमारे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की यह दुर्लभ तस्वीर!)
ख़ुद-कफ़ील हो अवाम जिस सरज़मीन मिटा नहीं सकता कोई ऐसी सरज़मीन! - मानस रूमानी

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