बधाई 'चंद्रयान-३'!
मुंतज़िर थें सब जिसे पाने को
वो चाँद मयस्सर कर दिखाया!
हम प्यार करनेवालों को वाक़ई
'इसरो' आप चाँद मुबारक़ किया!
- मनोज 'मानस रूमानी'
(अपने 'इसरो' को मुबारक़बाद!)
ख़ुद-कफ़ील हो अवाम जिस सरज़मीन मिटा नहीं सकता कोई ऐसी सरज़मीन! - मानस रूमानी

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