Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 08, 2023 इश्क़ हो, इक़रार की गुंजाइश हो, तो इज़हार फ़ौरन होनहीं तो ताउम्र अफ़सोस..इश्क़ मन में रहा ऐसा न हो!- मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
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