Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 08, 2024 इज़हार-ए-मोहब्बत वक़्त पर कर लेंइक़रार की गुंजाइश गर दो-तरफ़ा हैं!अव्यक्त, उनके पयाम के इंतज़ार में..इश्क़ महज़ अफ़साना ही बन जाता हैं!- मनोज 'मानस रूमानी'('प्रपोज डे' पर!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
February 08, 2026 खिलतें रहें यूँ ही गुलाब हुस्न के.. रंगे फ़िज़ा इश्क़ की रूमानियत में - मानस रूमानी (वैलेंटाइन वीक!) Read more
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