Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 08, 2024 इज़हार-ए-मोहब्बत वक़्त पर कर लेंइक़रार की गुंजाइश गर दो-तरफ़ा हैं!अव्यक्त, उनके पयाम के इंतज़ार में..इश्क़ महज़ अफ़साना ही बन जाता हैं!- मनोज 'मानस रूमानी'('प्रपोज डे' पर!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
June 02, 2025 हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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