Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 08, 2024 इज़हार-ए-मोहब्बत वक़्त पर कर लेंइक़रार की गुंजाइश गर दो-तरफ़ा हैं!अव्यक्त, उनके पयाम के इंतज़ार में..इश्क़ महज़ अफ़साना ही बन जाता हैं!- मनोज 'मानस रूमानी'('प्रपोज डे' पर!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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