बैठे थे वहाँ पीते चाय..
जहाँ पुरानी यादें हैं जुड़ी
महफ़िल-ए-यारां वह..
हमनफ़स वो अब नहीं!

- मानस रूमानी

('होटल रूपाली', पुणे में चाय पीते!)

(अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस पर!)

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