Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 06, 2022 यह शायद है उसका नूर-ए-हुस्न..जिसके दीदार के लिए है मुश्ताक़!- मनोज 'मानस रूमानी'('नेशनल पोएट्री डे' पर!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
March 21, 2026 ईद की दिली मुबारक़बाद! अमन, भाईचारे का समाँ हर तरफ़ हो प्यार की शमा रोशन हर दिल में हो! - मानस रूमानी Read more
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