Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 22, 2022 हर मौसम में आती हो यादधूप में, बारिश में, ठंड में!हम-नफ़स की तरह वो साथलिए प्यार का आँचल अपने!समाँ रूमानी हो तो आतें यादहसीन पल जो बिताये साथ में!- मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
Comments
Post a Comment