Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 09, 2022 तहज़ीब, तमद्दुन और हसीन लफ़्ज़ों की..दिलकश अंदाज़-ए-बयाँ सिर्फ़ हैं उर्दू ही!- मनोज 'मानस रूमानी'('विश्व उर्दू दिवस' की मुबारकबाद!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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