Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 04, 2025 दिन मुश्किल से अब है कटता..खत्म न हो रात ऐसा है लगता..ख़्वाब-ओ-ख़याल में सुकूँ मिलता!- मानस रूमानी(विधा: 'त्रिवेणी' काव्य प्रकार!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
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