Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 09, 2025 रहनुमा!तअस्सुफ़ हैं न जाना उसका सच्चा प्यारहुस्न-ए-तसव्वुर में जो हुआ नज़रअंदाज़दश्त-ए-तन्हाई में यूँ न पड़े होते 'मानस'राह-ए-ज़िंदगी रहनुमा होती वो हमनफ़स!- मानस रूमानी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
Comments
Post a Comment