Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 09, 2025 रहनुमा!तअस्सुफ़ हैं न जाना उसका सच्चा प्यारहुस्न-ए-तसव्वुर में जो हुआ नज़रअंदाज़दश्त-ए-तन्हाई में यूँ न पड़े होते 'मानस'राह-ए-ज़िंदगी रहनुमा होती वो हमनफ़स!- मानस रूमानी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
June 02, 2025 हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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