गान सरस्वती के दरबार में जीवन का एक सुनहरा पल अपनापन से हुई सुरीली बातें जीवन संगीत से भरी महफ़िल - मनोज 'मानस रूमानी' (स्वरसम्राज्ञी लता मंगेशकर जी को ९२ वे जनमदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए, मेरी उनसे हुई यादगार मुलाक़ात याद आई!)
नज़रिया! नज़र झुकाकर हलकी सी मुस्कान से सामने से ग़र वो गुजरे तो है इक़रार! नहीं तो मुंह मोड़ कर अपनी धुन में दूर से ही वो चल दिए तो ना इक़रार! होता हुस्नवालों का यूँ अंदाज़-ए-बयां फिर भी प्यार करनेवालें चाह्ते इज़हार! - मनोज 'मानस रूमानी'