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सूरज़ डूबता समंदर का नज़ारा इंतज़ार है बस मेरे चाँद का.! 🎑 - मनोज 'मानस रूमानी'
अवसरवादी धुरंधरों की 'घडी' कैसी भी घूमेगी सत्ता के लिए बगैर 'हाथ' केसरियाँ भी होगी! - मनोज 'मानस रूमानी'
आक्रस्ताळेपणा करीत करीत शिवराळ 'नटसम्राट' बनला 'सगळं करून' भागला नि समाज कार्याला लागला! - मनोज 'मानस रूमानी '
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गान सरस्वती के दरबार में जीवन का एक सुनहरा पल अपनापन से हुई सुरीली बातें जीवन संगीत से भरी महफ़िल - मनोज 'मानस रूमानी' (स्वरसम्राज्ञी लता मंगेशकर जी को ९२ वे जनमदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए, मेरी उनसे हुई यादगार मुलाक़ात याद आई!)
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नज़रिया! नज़र झुकाकर हलकी सी मुस्कान से सामने से ग़र वो गुजरे तो है इक़रार! नहीं तो मुंह मोड़ कर अपनी धुन में दूर से ही वो चल दिए तो ना इक़रार! होता हुस्नवालों का यूँ अंदाज़-ए-बयां फिर भी प्यार करनेवालें चाह्ते इज़हार! - मनोज 'मानस रूमानी'
बेवज़ह रूठना फ़ितरत है हुस्नवालों की ग़लतफ़हमी या फ़िक्र होती ज़माने की! - मनोज 'मानस रूमानी'
मोहब्बत में सब जहाँ प्यारा लगता 💟 नहीं तो कुछ भी गवांरा नहीं लगता 😑 - मनोज 'मानस रूमानी'