गान सरस्वती के दरबार में
जीवन का एक सुनहरा पल
अपनापन से हुई सुरीली बातें
जीवन संगीत से भरी महफ़िल
- मनोज 'मानस रूमानी'
(स्वरसम्राज्ञी लता मंगेशकर जी को ९२ वे जनमदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए, मेरी उनसे हुई यादगार मुलाक़ात याद आई!)
ख़ुद-कफ़ील हो अवाम जिस सरज़मीन मिटा नहीं सकता कोई ऐसी सरज़मीन! - मानस रूमानी

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