Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps October 05, 2017 आज की कोजागरी पूर्णिमा के अवसर पर चाँद पर मेरे शेर यहाँ पेश कर रहां हूँ! डूबता सूरज़ देखकर नाव में यह सफ़ऱ होगा हसीन जब पास होगा मेरा चाँद! - मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
March 21, 2026 ईद की दिली मुबारक़बाद! अमन, भाईचारे का समाँ हर तरफ़ हो प्यार की शमा रोशन हर दिल में हो! - मानस रूमानी Read more
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