Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps November 19, 2020 आप प्रियदर्शिनी थी आप रणरागिनी थी हमारे हिन्दोस्ताँ की आन-बान-शान थी! - मनोज 'मानस रूमानी' (हमारे भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा जी गाँधी को उनके १०३ वे जनमदिन पर सुमनांजलि!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
June 02, 2025 हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
Comments
Post a Comment