मेरे इस 'शायराना' ब्लॉग पर मैं..'मनोज 'मानस रूमानी' इस नाम से मेरी शायरी लिख रहां हूँ! - मनोज कुलकर्णी (पुणे).
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नवाबी रुतबे के शानदार शख़्सियत थे वे..
उमराव जान से तहज़ीब से इश्क़ फरमाए वे
- मनोज 'मानस रूमानी'
(अपने भारतीय सिनेमा के लाजवाब अदाकार फ़ारूख़ शेख़ इस जहाँ से रुख़सत होकर ७ साल हुएं।..अपनी ख़ूबसूरत अदाकारा रेखा की उनके साथ 'उमराव जान' यादगार रही। नज़ाकत और नफ़ाज़त के लखनऊ में उनका शायराना अंदाज़ का इश्क़ दिलोदिमाग़ पर छाया!)
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हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी'
हो मयस्सर सफ़र! जी तो करता हैं खूब घूमें दुनिया का हसीं नज़ारा देखें अब बहलाते हैं सफरनामें रह गया है कुछ तसव्वुर में हो मयस्सर जहाँ जी चाहें घूमें कश्मीर की हसीं वादियां देखें लखनऊ की नजाकत, नफासत शायराना माहौल भी आजमायें रूमानी पेरिस का सफर करें रंगीन शाम का लुत्फ़ उठाये अपने ताज़ का फ़िर दीदार करे चाँद देखके इज़हार-ए-इश्क़ करे - मनोज 'मानस रूमानी' ('विश्व पर्यटन दिन' पर लिखा!)
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