Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps March 21, 2021 सभी के पाक़ दिन, महफ़िल में गूँजतेंमज़हब से परे हैं सुर उनके शहनाई के- मनोज 'मानस रूमानी'(शहनाई नवाज़ 'भारतरत्न' बिस्मिल्लाह ख़ान जी को १०५ वे जनमदिन पर सलाम!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
June 02, 2025 हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
Comments
Post a Comment