Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps April 18, 2021 श्रृंगार की कलाएं दुनिया ने जहाँ से सीखींवह खजुराहो कामुक शिल्पं ही हैं यहाँ की- मनोज 'मानस रूमानी'(आज के 'वर्ल्ड हेरिटेज डे', २०२१ की थीम 'कॉम्प्लेक्स पास्टस' पर लिखा!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
June 02, 2025 हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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