ऊपर आक़ा और नीचे काका
रूपहले परदे का वह दौर था!
हसीं जवाँ दिल धड़कानेवाले
राजेश का यहाँ पर राज था!
- मनोज 'मानस रूमानी'
(अपने भारतीय रूमानी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना जी को ८० वे जनमदिन पर सुमनांजलि!)
ख़ुद-कफ़ील हो अवाम जिस सरज़मीन मिटा नहीं सकता कोई ऐसी सरज़मीन! - मानस रूमानी

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