Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 17, 2023 'नाथ हा माझा' नाटकाचा खेळ होऊन गेला..आता 'दादा कमळ बघ' पाठ गिरवला गेला..राज्य-कारणाच्या अशा नाना तऱ्हा दिसल्या!- मनोज 'मानस रुमानी'(राज्यातील सद्यस्थितीवर!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
June 02, 2025 हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
Comments
Post a Comment