Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 28, 2021 महज पत्तें नहीं होतें वेपतझड़ में जो गिरतें हैंदरअसल वो तरीका होता हैपेड़ फूलने का नये सिरे से!सोचा, इस मंज़र से गुज़रते..हम भी छोड़े ऐसी पुरानी बातेंजीने की नयी राह तराश लें..अपनी ज़िंदगी हसीन कर ले!- मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
Comments
Post a Comment