तीर दोनों तरफ थें; यहाँ बेअसर, वहाँ का लगा
केसरिया सत्ताखेल आखिर लालटेन से रुका;
हरतरफ ये हुआ तो २०२४ में कमल न खिलेगा!
- मनोज 'मानस रूमानी'
(महाराष्ट्र और बिहार की बदलती राजनीति पर!)
ख़ुद-कफ़ील हो अवाम जिस सरज़मीन मिटा नहीं सकता कोई ऐसी सरज़मीन! - मानस रूमानी
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