Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps February 20, 2023 ताज के पास कभी यूँ थे दोस्त के साथकाश की कभी यूँ होते मेहबूबा के साथ!- मनोज 'मानस रूमानी'(आगरा में ताजमहल के यहाँ की बहुत साल पुरानी याद!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
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