Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps June 08, 2020 'विश्व महासागर दिन' पर फ़िरसे याद आया कन्याकुमारी पर बिताया लम्हा और लिखा.. तीन समंदरों का मिलन हैं वहाँ तीन-रंगों के हमसफ़र आतें वहाँ सूर्यास्त-सूर्योदय भी दिखें वहाँ जीवन सागर की अनुभूति वहाँ कन्याकुमारी से मुख़ातिब होते जहाँ! - मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
June 02, 2025 हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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