Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps June 08, 2020 'विश्व महासागर दिन' पर फ़िरसे याद आया कन्याकुमारी पर बिताया लम्हा और लिखा.. तीन समंदरों का मिलन हैं वहाँ तीन-रंगों के हमसफ़र आतें वहाँ सूर्यास्त-सूर्योदय भी दिखें वहाँ जीवन सागर की अनुभूति वहाँ कन्याकुमारी से मुख़ातिब होते जहाँ! - मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
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