Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps June 21, 2020 मुझे तो ये मोहब्बत का खेल नज़र आता.. वरना सूरज के आग़ोश में चाँद कैसे आता! - मनोज 'मानस रूमानी' (आज के कंकणाकृति सूर्यग्रहण पर लिखा!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
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