Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps June 24, 2020 इश्क़ का अनोख़ा नज़ारा दिखिये.. समंदर हुआ यहाँ नीला आसमाँ से मिला वो किनारे की पिली रेत से ग़ुलाबी लहर हुई उनके मिलन से - मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
April 03, 2026 जोर-ए-हवा से बेमौसम बारिश आई यादों के हसीन पन्ने यूँ उड़ा के गई! - मानस रूमानी Read more
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