Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 25, 2021 अब हमें सृष्टी से ही मोहब्बत हो गई हैआख़िर में वही हमें बाहों में लेने वाली हैं- मनोज 'मानस रूमानी' (यहाँ 'सृष्टी' = Nature) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
March 21, 2026 ईद की दिली मुबारक़बाद! अमन, भाईचारे का समाँ हर तरफ़ हो प्यार की शमा रोशन हर दिल में हो! - मानस रूमानी Read more
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