मिज़ाज गोवा का क्या कहें
ज़मीन, समंदर से आसमाँ
ज़िंदगी का जश्न जहाँ हैं!
- मनोज 'मानस रूमानी'
(आज गोवा की ६०वी एनिवर्सरी पर, 'इफ्फी' के दौरान वहां के मीरामर बीच पर बिताई रंगीन शाम याद आयी!)
ख़ुद-कफ़ील हो अवाम जिस सरज़मीन मिटा नहीं सकता कोई ऐसी सरज़मीन! - मानस रूमानी

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