Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 05, 2021 खूबसूरती, प्यार, और पाकीज़गी काक्या कुदरत फिर बनानेवाली हैं जहाँ- मनोज 'मानस रूमानी' (१९वी सदी के मशहूर स्विस चित्रकार फ्रिट्ज़ ज़ुबेर-बुहलर की इस 'बर्थ ऑफ़ वीनस' चित्रनिर्मिति पर यह लिखा!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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