Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps May 05, 2021 खूबसूरती, प्यार, और पाकीज़गी काक्या कुदरत फिर बनानेवाली हैं जहाँ- मनोज 'मानस रूमानी' (१९वी सदी के मशहूर स्विस चित्रकार फ्रिट्ज़ ज़ुबेर-बुहलर की इस 'बर्थ ऑफ़ वीनस' चित्रनिर्मिति पर यह लिखा!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
March 21, 2026 ईद की दिली मुबारक़बाद! अमन, भाईचारे का समाँ हर तरफ़ हो प्यार की शमा रोशन हर दिल में हो! - मानस रूमानी Read more
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