मेरे इस 'शायराना' ब्लॉग पर मैं..'मनोज 'मानस रूमानी' इस नाम से मेरी शायरी लिख रहां हूँ! - मनोज कुलकर्णी (पुणे).
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फ़िरदौस-ए-वतन!
क़ुदरत का हक़ीक़त में हसीन ख़्वाब है यह झीलों, रंगीन फूलों-पत्तों का शबाब है यह! प्रेमियों को लुभानेवाला खास गुलशन है यह हुस्न-ओ-इश्क़ का हमेशा जवाँ नज़ारा है यह! - मनोज 'मानस रूमानी'
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हमनफ़स जैसे दिल लगाते हैं कोई, फिर तन्हा क्यों छोड़ जाते हैं कोई? - मनोज 'मानस रूमानी'
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