Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 04, 2020 एषः संस्कृत भाषा देशः एषः धर्मनिरपेक्ष देशः मनुष्यता, समानता स्नेह समन्त! - मनोज 'मानस रूमानी' (डीडी संस्कृत वार्ता का वर्धापन वृत्त देखकर मैंने मेरे विचार ऐसे संस्कृत में व्यक्त किएं।) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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