Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 23, 2020 सजी महफ़िल जब दो शायरों की.. तो अशआऱ और जाम तो होंगे ही! - मनोज 'मानस रूमानी' (मशहूर गीतकार/शायर..आनंद बख्शी जी और साहिर जी एकसाथ की यह तस्वीर देखकर लिखा!) Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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June 14, 2025 कौन क्या जाने सफर कहाँ ले जा रहा है उन्हें ज़िंदगी से ही रुख़सत किए जानेवाला है उन्हें! - मनोज मानस रूमानी' Read more
March 02, 2022 बड़ा गुमान रहता बुलंदी पर पहुँचने में दस्तरस अगर दिल तक हो तो माने! - मनोज 'मानस रूमानी' Read more
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