Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 18, 2021 तारीफ़-ए-हुस्न में किसे नहीं शग़फ़🌹इश्क़ में आज़माया जाता यह सबक़💕- मनोज 'मानस रूमानी' Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
April 07, 2026 उल्फ़त में होती है नफ़ीस रूमानी शायरी. फ़ुर्क़त में बयाँ होती है उसके बिना ज़िंदगी - मानस रूमानी Read more
May 21, 2026 बैठे थे वहाँ पीते चाय.. जहाँ पुरानी यादें हैं जुड़ी महफ़िल-ए-यारां वह.. हमनफ़स वो अब नहीं! - मानस रूमानी ('होटल रूपाली', पुणे में चाय पीते!) (अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस पर!) Read more
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